नई दिल्ली। देश की रक्षा संचार प्रणाली ही असुरक्षित है। सरकार की टॉप सीक्रेट सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, सेना और सरकार के बेहद गोपनीय राज नई दिल्ली के वायु भवन स्थित वायु सेना के कम्युनिकेशन सेंटर, नेवी चीफ का दफ्तर, कैबिनेट सचिवालय और रक्षा मंत्रालय के 3000 से ज्यादा इंटरनेट कनेक्शनों और उन पर होने वाले साइबर हमलों के जरिए अब गोपनीय नहीं रहे। रिपोर्ट में संभावना जताई गई हैं कि कई और महत्वपूर्ण सरकारी दफ्तरों से भी सूचनाएं भी विदेश पहुंच चुकी हैं।
अंग्रेजी दैनिक मेल टुडे के मुताबिक, दिल्ली में 3 लाख से ज्यादा मॉडम और इंटरनेट कनेक्शन सुरक्षा के मामले में कमजोर हैं। विदेशी सर्वरों से जुड़े होने के कारण इनसे संवेदनशील जानकारियां लीक होने की आशंका है। यह चौंकाने वाली जानकारी उस रिपोर्ट से मिली है, जो इंडियन इनफोसेक कर्न्सोटियम (IIC) द्वारा तैयार की गई है और हाल ही में संचार और आईटी मंत्रालय को प्रस्तुत की गई है। यह रिपोर्ट विगत 6 मार्च को मंत्रालय को सौंपी गई हैं। IIC के डायरेक्टर रोहित श्रीवास्तव के मुताबिक, संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने इस मामले में विशेष ध्यान देने की बात की है, साथ ही उन्होंने कहा है कि संबंधित मंत्रालय को उक्त रिपोर्ट भेजी जा रही है।
सरकार ने ध्यान ही नहीं दिया-
इस रिपोर्ट के साथ एक पत्र भी सलंग्न है जिसका शीर्षक है- 'संवेदनशील भारतीय मशीनों की जासूसी।' इस पत्र में कहा गया है कि सिर्फ दिल्ली में 3 लाख से ज्यादा ADSL मॉडमों पर DNS (डोमेन नेम सिस्टम) के जरिए हमले हुए हैं। इसके अलावा जांचकर्ताओं को चौंकाने वाला तथ्य यह भी मिला है कि देश की सुरक्षा से जुड़े बेहद संवेदनशील सिस्टमों जिनमें सरकार, रक्षा और अन्य महत्वपूर्ण एजेंसियों ने विदेशों से इंटरनेट के जरिए होने वाले बाहरी प्रवेश पर ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते उनके डाटा दुनिया के दूसरे देशों के सर्वरों तक पहुंच गया।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें