मंगलवार, फ़रवरी 18, 2014

बिन्नी की याचिका पर विधानसभा अध्यक्ष से जवाब मांगा

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी [आप] से निष्कासित विधायक विनोद कुमार बिन्नी की याचिका पर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष से एक दिन के भीतर जवाब मांगा है। बिन्नी ने याचिका के माध्यम से खुद को निर्दलीय विधायक घोषित किए जाने की मांग की है। बिन्नी ने वकील राहुल राज मलिक के माध्यम से सोमवार को कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ के समक्ष याचिका दायर की थी।
बिन्नी ने हाईकोर्ट को बताया कि वे वर्ष 2013 में आप की नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए थे। लेकिन पार्टी की गलत नीतियों से परेशान होकर उन्होंने प्रेसवार्ता की और अपनी आवाज उठाई। इसके चलते पार्टी की अनुशासन कमेटी ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसके बाद उन्होंने विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखा और पूछा कि वे स्वतंत्र उम्मीदवार हैं या पार्टी के विधायक? स्पीकर की ओर से जवाब दिया गया कि भले ही पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया है, मगर वे पार्टी विरोधी कार्य नहीं कर सकते और उन्हें पार्टी द्वारा जारी किए गए आदेश भी मानने होंगे। उन्हें स्वतंत्र उम्मीदवार भी नहीं माना जा सकता। इसके बाद आप ने निष्कासित करने के बावजूद उन्हें दो बार अवैध रूप से व्हिप जारी कर अपने पक्ष में वोट डालने के लिए मजबूर किया। लिहाजा, आप द्वारा जारी किए गए व्हिप को अवैध घोषित किया जाए और विधानसभा स्पीकर के आदेश को रद कर उन्हें एक स्वतंत्र उम्मीदवार का दर्जा दिया जाए।

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