मुंबई. बुधवार को भारतीय नौसेना की सिंधुरत्न पनडुब्बी में हुए हादसे से दुखी नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके जोशी ने इस्तीफा दे दिया है। रक्षा मंत्रालय ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है। एडमिरल डीके जोशी ने पनडुब्बी हादसों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए यह कदम उठाया है।
वाइस एडमिरल आरके धवन को तुरंत प्रभाव से नेवी प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीके जोशी ने अगस्त 2013 में नौ सेना प्रमुख का पद संभाला था। वह अगले साल रिटायर होने थे।
सिंधुरत्न पनडुब्बी से धुआं निकलने की वजह से कई नौसैनिक बेहोश हो गए थे। सात नौसैनिकों को एयरलिफ्ट करके निकाला गया और मुंबई लाया गया। दो नौसैनिकों का पता नहीं है। नौसेना ने हादसे की पुष्टि की है, लेकिन हादसा कितना बड़ा है और क्यों हुआ, इस बारे में अभी कुछ नहीं बताया गया है। सिंधुरत्न को 1988 में नौसेना में शामिल किया गया था। हादसे में पनडुब्बी को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
इससे पहले अगस्त 2013 में सिंधुरक्षक पनडुब्बी में बड़ा हादसा हुआ था। तब पनडुब्बी में धमाकों के बाद भीषण आग लग गई थी और कई नौसैनिक जल कर खाक हो गए थे। इस हादसे में देश ने 18 नौसैनिक खोए थे और पनडुब्बी भी बर्बाद हो गया था।

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