नई दिल्ली। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में जोधपुर की जेल में बंद कथावाचक आसाराम के स्कूलों में बच्चों की असामयिक मौत पर संसदीय समिति ने हैरानी जताई है। समिति के मुताबिक 2001 से 2013 के बीच आसाराम के महाराष्ट्र स्थित स्कूलों में करीब आठ सौ बच्चों की मौत हो गई। सामाजिक न्याय और अधिकारिता पर संसद की स्थायी समिति ने आदिवासी मामलों के मंत्रालय से इस पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। बच्चों की असामयिक मौत को गंभीरता से लेते हुए समिति ने मंत्रालय को इस मामले में दंडात्मक कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया है।
महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्रों में आसाराम के स्कूलों पर जारी अपनी रिपोर्ट में स्थायी समिति ने कहा कि 2001-02 से 2012-13 के दौरान सांप और बिच्छू के काटने के अलावा बुखार और मामूली बीमारी से 793 बच्चों की मौत हुई। समिति के अनुसार महाराष्ट्र सरकार ने प्रारंभिक जांच में आसाराम के स्कूलों के 74 कर्मचारियों को निलंबित किया था। इसके अलावा 28 कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और 39 को कारण बताओ नोटिस जबकि 99 कर्मचारियों को चेतावनी दी गई थी। राज्य सरकार की इस कार्रवाई को अपर्याप्त मानते हुए समिति ने आदिवासी मामलों के मंत्रालय से पूरी रिपोर्ट तलब की है।

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